पंचायत चुनाव छह महीना के लिए टाले सरकार, नहीं तो होगा आंदोलन: विकास कुमार मंडल

Gaya/newsaaptak.live desk:-गया जिला के सामाजिक कार्यकर्ता सह किसान नेता विकास कुमार मंडल ने पंचायत चुनाव अगले 6 महीना के लिए टालने का राज्य सरकार एवं बिहार निर्वाचन आयोग से मांग किया है. मंडल ने कहा है कि वैश्विक कोरोना महामारी के कारण राज्य में जारी लॉकडाउन के कारण लोगों की आर्थिक स्थिति चरमरा गई है. धीरे-धीरे लोगों की अर्थव्यवस्था पटरी पर आ रही है, वहीं किसान तबके के परिवार खेती के काम में लगे हैं अभी आम लोगों की जिंदगी एवं आर्थिक व्यवस्था पटरी पर लाने हेतु सरकार को समय देना चाहिए और पंचायत चुनाव कराने से बचना चाहिए, क्योंकि मजदूर, किसान परिवार के दलित पिछड़े अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों की मौजूदा स्थिति पंचायत चुनाव लड़ने लायक नहीं है ऐसी स्थिति में समाज का एक बहुत बड़ा वर्ग पंचायत चुनाव में भाग लेने से वंचित रह जाएगा और चुनाव में धनबल वाले लोग बाजी मार लेंगे जिसके कारण पंचायती राज व्यवस्था की सोच पर एक बहुत बड़ा कुठाराघात होगा. पंचायत सरकार आम गरीब लोगों के लिए सरकार नहीं रह जाएगी. पंचायत चुनाव में अति गरीब तबके के लोगों का वोट रूपए पैसे की लालच तथा प्रलोभन देकर दबंग तथा पैसे वाले लोग पाने में सफल हो जाएंगे और जनप्रतिनिधि निर्वाचित होने के बाद जमकर सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों में भ्रष्टाचार कर पैसा की उगाही करेंगे.

पंचायत चुनाव होने से बढ़ सकता संक्रमण का खतरा:-

विकास कुमार मंडल ने कहा है कि पंचायत चुनाव संपन्न कराने से कोरोना संक्रमण का खतरा पुनः बढ़ सकता है क्योंकि ग्रामीण इलाके में लोग इतना सजग नहीं है “कि मतदान के समय सोशल डिस्टेंसिंग, हैंड सेनीटाइजर एवं मास्क का उपयोग कर सके” मतदान कर्मियों को भी प्रशिक्षण के उपरांत संक्रमण से बचाव के लिए सैनिटाइजर ग्लब्स आदि जो सामग्री दिया जाता है वह केवल फॉर्मेलिटी के रूप में होता है, ऐसा विधानसभा चुनाव में देखा गया है. वहीं स्थानीय स्तर पर चुनाव प्रचार प्रसार के दौरान सोशल डिस्टेंसिंग एवं मास्क का उपयोग नहीं होने के कारण संक्रमण का खतरा पूरा बढ़ने की संभावना है जिससे पुनः लोग पुरानी स्थिति में पहुंच जाएंगे.

आईएमए की चेतावनी: तीसरी लहर करीब, बरतें सावधानी

विकास कुमार मंडल ने कहा है कि आइएम्ए(इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) ने भी चेतावनी दिया है कि तीसरी लहर करीब है ऐसी स्थिति में लोगों को ढिलाई बरतने तथा कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन किए बगैर बड़ी संख्या में एकत्र होने को लेकर चिंता प्रकट की है और कहा है कि यह घटनाएं महामारी की तीसरी लहर का कारण बन सकती है. आईएमए ने सोमवार को एक बयान जारी कर कहा है कि पर्यटकों का आगमन, तीर्थ यात्राएं, धार्मिक उत्साह जरूरी है लेकिन कुछ और महीने इंतजार किया जा सकता है. संगठन ने कहा है कि इतिहास से यह पता चलता है कि तीसरी लहर अवश्यंभावी और आसन्न है. ब्यान में कहा गया है कि यह जिक्र करना दुखद है कि इस नाजुक वक्त में,जब हर किसी को तीसरी लहर की संभावना घटाने के लिए काम करने की जरूरत है. देश के कई हिस्सों में लोग ढिलाई बरत रहे हैं तथा कोविड प्रोटोकॉल का पालन किए बगैर बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो रहे हैं. आईएमए ने सभी राज्यों से लोगों की भीड़भाड़ को रोकने की अपील की है. जबकि चुनाव में भीड़-भाड़ होना लाजमी है.

चुनाव से ज्यादा जरूरी है शिक्षा व्यवस्था को सुचारू करना:-

सामाजिक कार्यकर्ता विकास कुमार मंडल ने कहा है कि सरकार को प्राथमिकता के साथ शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना चाहिए. सरकार को यह सोचना और समझना चाहिए कि विगत 2 वर्षों से कोरोना महामारी के कारण बिहार में शिक्षा व्यवस्था चौपट हो गई है. सभी स्कूल कॉलेज बंद पड़े हैं. इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है, जो चुनाव से ज्यादा जरूरी प्रतीत होता है. सरकार को शिक्षा व्यवस्था पटरी पर लाने के लिए चुनाव को छोड़कर इसकी व्यवस्था में लगना चाहिए.

पंचायतों में नहीं रुका है विकास का काम, केवल रफ्तार देने की जरूरत:-

विकास कुमार मंडल ने कहा है कि पंचायती राज अधिनियम में संशोधन के उपरांत सरकार द्वारा जो परामर्शी समिति का गठन किया गया है वह त्रिस्तरीय पंचायती राज व्यवस्था के ही अनुरूप कार्य कर रही है, ऐसे में बिहार के सभी पंचायतों में कोई विकास कार्य रुका नहीं है. सरकार को इसी त्रिस्तरीय परामर्शी समिति को फंडिंग करते हुए विकास के कार्यों को रफ्तार देने की आवश्यकता है.

भारी वर्षा के कारण बिहार के आधे हिस्से बाढ़ प्रभावित और जलमग्न:-

विकास कुमार मंडल ने कहा है कि बिहार में मानसून से पूर्व हुई भारी बारिश के कारण तथा वर्षा ऋतु के कारण बिहार के आधे हिस्से में बाढ़ की स्थिति कायम है, गांव के गांव जलमग्न हो गया है ऐसी स्थिति में लोग अपने मूल गांव घरों एवं स्थानों से विस्थापित हो जाते हैं, अस्थाई रूप से पंडालों एवं अन्यत्र जगह पर शरण लिए रहते हैं और ऐसी स्थिति में चुनाव कराना संभव नहीं है. यदि चुनाव कराया जाता है तो गरीब तबके के लोगों को वोट से वंचित रखने की एक साजिश माना जाएगा.

बिहार में पंचायत चुनाव कराने हेतु कोई भी संगठन नहीं कर रही है मांग:-नेता विकास कुमार मंडल ने कहा है कि बिहार में पंचायत चुनाव कराने हेतु कोई भी संगठन मांग नहीं कर रही है एवम् ना ही किसी तरह का आंदोलन हो रहा है. जिसके कारण सरकार को पंचायत चुनाव कराना मजबूरी है. बिहार की तमाम पार्टियां एवं राजनीतिक संगठन समझ रही है कि कोरोना महामारी का तीसरा लहर आना संभावित है ऐसे में सजग और सतर्क रहने की आवश्यकता है.

वहीं सरकार को पहले स्वास्थ्य व्यवस्था को सुदृढ़ करना चाहिए ताकि जो कु- व्यवस्था के कारण विगत कोरोना महामारी में बिहार में मौतें हुई है ऐसी मुसीबत का सामना फिर बिहार वासियों को नहीं करना पड़े.

चुनाव नहीं टाला गया तो, जन आंदोलन का दिया चेतावनी:-

विकास कुमार मंडल ने सरकार से पंचायत चुनाव पर रोक लगाने की मांग किया है और कहा है कि यदि सरकार हमारी मांगों पर विचार नहीं करती है तो एक बहुत बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा और गांव गांव जाकर लोगों को जागरूक किया जाएगा “कि सरकार जानबूझकर गांव में महामारी फैलाने की साजिश और षड्यंत्र रच रही है” और पंचायत चुनाव कराना चाहती है, ताकि पुनः कोरोना महामारी संक्रमण फैले और कोरोना महामारी के नाम पर बड़ा राशि का बंदरबांट किया जा सके.

 9,750 total views,  2 views today

Share and Enjoy !

0Shares
0
0Shares
0