झारखंड विकास मोर्चा बिहार के पूर्व प्रदेश प्रभारी पर पत्नी ने लगाया गैंगरेप का आरोप.

Jamui/newsaaptak.live desk:-जमुई: प्रेमप्रसंग में शादी करने के बाद पति-पत्नी की तौर पर 7 माह संग गुजारने के बाद पत्नी ने ही अपने पति पर गैंगरेप का आरोप लगाया है। मामला झारखंड के बोकारो जिले के कॉपरेटिव कॉलोनी का है। जहां जमुई के अड़सार गांव निवासी आरजू मलिक रेलवे में कॉन्ट्रेक्टर का कार्य करता है।

आरजू मलिक का आरोप है कि उनकी पत्नी संध्या मिश्रा प्रोपर्टी के लालच और विरोधियों के बहकावे में आकर गैंग रेप का झूठा मुकदमा दर्ज कराई है। जो बेबुनियाद है जिसका सच्चाई से कोई वास्ता नहीं है लेकिन बोकारो पुलिस प्रशासन भी बिना जांच-पड़ताल के पत्नी द्वारा किए गए गैंगरेप की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर परेशान कर रही है और झूठे मुकदमे में फंसा कर बोकारो की पुलिस आत्मसमर्पण करने का दबाव बना रही है जबकि केस झूठा होने की पूरी सबूत बोकारो के डीजीपी,एसपी,डीएसपी, थानाध्यक्ष,से लेकर केस के आईओ तक को दे दी गई है।

उक्त बातें झारखंड विकास मोर्चा बिहार के पूर्व प्रभारी आरजू मलिक ने अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी है। उन्होंने बोकारो की पुलिस पर विरोधियों से मिलीभगत और जाति के आधार पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। झारखंड सरकार से उन्होंने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए दोषी पुलिस पदाधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।

उन्होंने कहा कि जब 7 माह से बतौर पति- पत्नी के रूप में एक साथ रह रहे थे जिसका सारा प्रूफ मौजूद है जो पुलिस भी जान रही है इसके बावजूद पत्नी द्वारा गैंगरेप का मुकदमा दर्ज कराया जाता है और पुलिस बिना जांच-पड़ताल के मुकदमा दर्ज कर लेती है। जिसमें उनके दो बेगुनाह साथी को भी नामजद बनाया जाता है।

प्रेमप्रसंग में आरजू ने बोकारो में 17 जनवरी 2020 में की थी शादी

बोकारो के डिएस- 2- 27 बी रेलवे कॉलोनी निवासी संध्या मिश्रा से 2017 में आरजू मलिक की मुलाक़ात हुई थी और धीरे-धीरे नजदीकियां बढ़ गई। उसके बाद आरजू ने 17 जनवरी 2020 में हिन्दू रीतिरिवाज के साथ शादी की थी। उसके बाद दोनों पति-पत्नी कॉपरेटिव कॉलोनी में रह रहे थे।

10 फरवरी 2021 को पत्नी ने गैंगरेप का लगाई आरोप

तकरीबन 7 माह साथ मे रहने के बाद अगस्त 2020 को परिवार वालों द्वारा लड़की को विदा कर लेकर यूपी चले गए थे। उसके बाद संध्या की बात आरजू से कुछ दिनों तक हुई फिर बात नहीं होने लगी। उसके बाद अचानक उनकी पत्नी द्वारा 10 फरवरी 2021 को बोकारो के चास महिला थाना में गैंग रेप का मुकदमा दर्ज कराया गया। जिसमें प्रमोद ओझा, नितेश कुमार पांडेय, और जालिम अंसारी को नामजद बनाया गया था।

प्रोपर्टी की लालच में पत्नी ने मानवता की सारी हदों को किया पार

गैंग रेप का मुकदमा दर्ज कराने के बाद संध्या मिश्रा ने अपने पति आरजू मालिक के पास फोन भी की थी। आरजू मलिक ने बताया कि फोन कर संध्या मिश्रा ने सारी प्रोपर्टी उसके नाम पर करने की बात कही थी। संध्या मिश्रा ने यह भी कहा था कि वह उनके साथ रहने के लिए तैयार है लेकिन बोकारो से लेकर जमुई तक कि प्रोपर्टी उसके नाम से करने के बाद ही वह गैंगरेप के केस को हटाएगी। जिसका साक्ष्य मौजूद है।

बेगुनाह के सारे साक्ष्य हैं मौजूद,जानबूझ कर परेशान कर रही बोकारो पुलिस

जिस वक्त आरजू मलिक की शादी संध्या मिश्रा से हुई थी तो उस वक़्त बोकारो के पुलिस प्रशासन को भी इसकी जानकारी हो गई थी। शादी के बाद थानाध्यक्ष द्वारा समझौता भी कराया गया था। दोनों पति-पत्नी ख़ुशी-ख़ुशी एक साथ रह रहे थे। 7 माह के दौरान कभी भी शिकायत का मौका नहीं मिला था जिससे पुलिस भी वाकिफ थी। आरजू मलिक ने बताया कि सबकुछ जानबूझ कर भी बोकारो की पुलिस पत्नी द्वारा किए गए झूठे गैंगरेप को सच साबित करने में लगी हुई है।

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