लखीबाग के कई घरों तक आज भी नहीं बन पाया है नाली और गली, नगर निगम वसूल रहा टैक्स.

Gaya/manpur(newsaaptak.live desk):-गया शहर का मानपुर लखीबाग मुहल्ला गया का रिहायशी इलाका माना जाता है, लेकिन यहाँ आज भी मुहल्ले के आधे घरों तक न तो नाली की व्यवस्था हो पायी है और ना ही गली का पक्कीकरण हुआ है. मुहल्ले का मुख्य रास्ता जो लक्खीबाग मोड़ से गौरी कन्या विद्यालय को जोड़ती है उसकी तो ढलाई हो चुकी है, लेकिन वार्ड नंबर 53 के कुछ छोटी गलियां आज भी कच्ची है और उन गलियों में नाली नही बनने के कारण कई घरों के लोग अपने घर का नाली आसपास खुले जमीन या रास्ते पर बहाने को मजबूर हैं।लखीबाग निवासी रौशन शांडिल्य ने बताया की उनके घर के पास आज भी न तो नाली है और ना ही गली की ढलाई हो पाई है.

मुहल्ले मे जो पक्की नाली बनी है वो उनके घर से करीब 200 मीटर दूर है, जिस वजह से उनके घर की नाली वहाँ तक नही जुड़ सका है,मजबूरन खुले में नाली बहने के कारण आसपास गंदगी बनी रहती है। उन्होंने बताया कि पुराण निवास से लेकर सियाराम पुस्तक के नवीन बाबू के मकान से कपीलदेव निवास तक का गली और नाली आज भी नही बन पाई है।

हालांकि पिछले साल स्थानीय सांसद के करीबी लोगो ने गली की मापी भी कराई थी और जल्द ही गली ढलाई का आश्वासन भी दिया था,मगर अबतक कोई ठोस परिणाम नही निकल सका।लखीबाग और मानपुर इलाके के बार्ड पार्षद भी इसी मुहल्ले के स्थायी निवासी हैं, मगर उनके उदासीन रवैए के कारण उनके बगल में पड़ने वाले गली भी नही बन सका।

जानकारी के मुताबिक लखीबाग मुहल्ला तो गया का अभिन्न हिस्सा है, लेकिन ये वजीरगंज विधानसभा में जोड़ दिया गया है और इसी वजह से यह मुहल्ला स्थानीय नेताओ के उपेक्षा का शिकार बन कर रह गई है. वहीं गया नगर निगम का भी इस ओर कोई ध्यान नहीं है. नाली और गली की सुविधा दिए बगैर ही गया नगर निगम धड़ल्ले से टैक्स स्थानीय लोगों से वसूल कर रही है.

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