बिहार में जाट जाति की पर्याप्त आबादी के बावजूद राजनैतिक भागीदारी नहीं: रूपेश कुमार सिंह.

Patna /newsaaptak.live desk:-आदर्श जाट महासभा बिहार के प्रदेश अध्यक्ष रूपेश कुमार सिंह एवं राष्ट्रीय महासचिव उत्तम कुमार सिंह बाल्यान ने संगठन पर चर्चा करते हुए बताया कि बिहार में जाटों की लगभग छःसे सात लाख की आबादी है जो राज्य के भिन्न भिन्न जिलों जैसे सुपौल, पटना, मधेपुरा, सहरसा, कटिहार, गया, औरंगाबाद, पूर्णिया में निवास करते हैं तथा काफी संख्या में हैं.यह समाज आर्थिक रूप से बहुत सम्पन्न नहीं हैं और ना ही बिहार की राजनीति में आजादी के बाद से आज तक कोई भागीदारी सुनिश्चित करने का किसी पार्टियों द्वारा अवसर दिया गया है.

तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव द्वारा अपने कार्यकाल में जाट जाति का सर्वेक्षण कराते हुए पिछड़ा वर्ग में शामिल करने का काम क़िया गया परन्तु आजतक इस जाति को राजनैतिक रूप से हिस्सेदारी नहीं मिल पाया. मुख्यतः कृषि कार्यों को पेशा अपनाते हुए जाट समाज शिक्षा के क्षेत्र में भी काफी उन्नति की है. बिहार के बाहर अन्य राज्यों में इस जाति का काफी बर्चस्व है, परंतु बिहार में अभी भी इस जाति में काफी पिछड़ेपन है. प्रदेश अध्यक्ष रूपेश कुमार सिंह ने अपने पैतृक गांव चौड़ा खुसरूपुर में स्वजाति समाज की एक महत्वपूर्ण विचार गोष्ठी में उन्होंने यह बात रखते हुए समाज को आगे आने के लिए उत्साहित किया है. उन्होंने अपने मनोनयन के बाद पहली बैठक की है.

इस गोष्ठी में संगठन के राष्ट्रीय महासचिव उत्तम कुमार सिंह बाल्यान ने कहा कि आदर्श जाट महासभा समाजहित में राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर कार्य कर रही है और बिहार में जल्द इस संगठन का विस्तार किया जाएगा. कार्यक्रम में सत्यप्रकाश सिंह, नीरज सिंह, राजेश सिंह, दिलीप सिंह, कैलाश कुमार सिंह, के अलाबे अन्य लोगों ने भी शिरकत किया.

कार्यक्रम में सूरजमल जी की शहादत बलिदान को भी याद करते हुए अपनी साझी विरासत की चर्चा की गई,साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर अनेक लाभकारी कार्यों की जानकारी दी गई. वहीं धन्यवाद ज्ञापन के बाद कार्यक्रम समाप्त किया गया और संगठन के राष्ट्रीय नेतृत्व के प्रति आभार व्यक्त किया गया साथ ही सौदान सिंह तरार के महत्वपूर्ण योगदान की चर्चा करते हुए कहा कि उनके निर्देशन में संगठन मजबूत होगा.

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