फतुहा मठ के महंथ ब्रजेश मुनि को ग्रामीणों ने किया हटाने की मांग, कहा अपराधिक पृष्ठभूमि के हैं ब्रजेश मुनि.

Patna /fatuha:-newsaaptak.live:विगत दिनों बिहार धार्मिक न्यास पर्षद द्वारा अपराधिक पृष्ठभूमि के महंथ ब्रजेश मुनि को फतुहा मठ का महंथ बनाए जाने से स्थानीय समाजसेवी एवं ग्रामीणों में रोष व्याप्त है. स्थानीय ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और धार्मिक न्यास पर्षद के अध्यक्ष के साथ-साथ बिहार पुलिस के डीजीपी सहित स्थानीय स्तर पर पटना डीएम, एसडीओ पटना सिटी एवं अंचलाधिकारी तथा थानाध्यक्ष फतुहा को पत्र भेज कर महंत ब्रजेश मुनि को अभिलंब हटाने की मांग किया है.

ग्रामीणों ने प्रेषित पत्र में अवगत कराया है कि आचार्य पीठ कबीर मठ फतुहा पटना का विधिवत संचालन एवं देखरेख हेतु महंथ की नियुक्ति का परंपरा शुरू से रहा है. महंथ ब्रजेश मुनि उक्त मठ की संपदा को पूर्व में महंथ रहते हुए बेच चुका है और पुनः ऐसे अपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को मठ का महंत बनाया जाना गलत निर्णय है, क्योंकि महंथ ब्रजेश मुनि अभी भी कई अपराधिक मामले में फरार चल रहा है. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि ब्रजेश मुनि मठ की संपदा पर गिद्घ दृष्टि डालें हुए है और मठ को बर्बाद करने पर तुला है.स्थानीय लोगों द्वारा पर्षद को नियुक्ति के पूर्व उक्त सारी घटनाओं से अवगत कराने के बावजूद भी धार्मिक न्यास पर्षद द्वारा ब्रजेश मुनि को महंथ नियुक्त किया जाना गलत निर्णय बताया है.

महंत ब्रजेश मुनि द्वारा केयरटेकर के रूप में सुनील दास को रखा गया है जबकि मठ से प्राप्त आमदनी को महंथ ब्रजेश मुनि निजी रूप में उपयोग एवं उपभोग कर रहे हैं जिसके कारण मठ में रह रहे अन्य संतों के समक्ष खाने के लाले पड़ गए हैं जिसके कारण मठ का प्रबंधन उचित ढंग से नहीं हो रहा है वहीं दूसरी तरफ उक्त कारणों से आचार्य कबीर साहब के उद्देश्यों को प्रसारित प्रसारित किया जाना दुर्लभ हो गया है.

स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मांग किया है कि मठ के मामले में हस्तक्षेप करते हुए ऐसे अपराधिक पृष्ठभूमि के महंथ को तत्काल हटाया जाए एवं वर्तमान समय में मठ की जिम्मेवारी सुनील दास को विधिवत दिया जाए ताकि मठ का संचालन सुचारू रूप से हो सके एवं मठ की स्मिता एवं गौरव बरकरार रह सके.

ज्ञात हो कि फतुहा मठ एक आचार्य पीठ मठ है जिसके अंतर्गत तीन चार सौ छोटे-छोटे कबीर मठ जुड़े हुए हैं साथ ही साथ मठ के पास पर्याप्त मात्रा में खेती योग्य भूमि, व्यवसायिक दुकाने और गोदाम भी है जो मठ की आय का मुख्य स्रोत है,प्राप्त आय से मठ का संचालन एवं संतो के लिए भोजन का प्रबंध का एकमात्र यही माध्यम है जबकि रेलवे स्टेशन के पास कुछ मंहगी जमीनों का अतिक्रमण हो चुका है.स्थानीय लोगों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया है कि पूर्व से नियुक्त महंथ परमानंद दास अच्छे तरीके से मठ का देखरेख एवं संचालन कर रहे थे जिसे धार्मिक न्यास पर्षद द्वारा हटा दिया गया है जिसके कारण स्थानीय स्तर पर लोगों में रोष व्याप्त है.

प्रेषित पत्र में श्यामनंदन कुमार यादव, दयानंद प्रसाद सिंह पूर्व पार्षद, मुरारी यादव, दूधनाथ प्रसाद, राकेश कुमार, गीता देवी, पूजा देवी, खुशबू देवी, सविता देवी, रेखा देवी, रोशन कुमार सहित सैकड़ों लोगों ने हस्ताक्षर किया है.

महंथ ब्रजेश मुनि से स्थानीय लोगों द्वारा लगाए गए आरोप पर newsaaptak.live ने प्रतिक्रिया एवम् पक्ष जानना चाहा तो उन्होंने कहा कि ग्रामीणों का जो आरोप है उसकी कॉपी पहले मुझे भेजी जाए तभी मैं इस संदर्भ में कुछ बोल सकता हूं. जब न्यूज़ आप तक के संपादक ने ग्रामीणों द्वारा प्रेषित पत्र को गोपनीय पत्र बताते हुए भेजने से इनकार किया तो, उन्होंने कहा कि न्यूज़ भेज दीजिए मुझे कोई आपत्ति नहीं है.

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