बाल श्रम को रोकना सरकार का ही नहीं, हमसब का कर्तव्य है. बाल श्रम दिवस पर सामाजिक कार्यकर्ता श्याम नंदन कु० यादव की कलम से…

Patna /newsaaptak.live:-✍️-अनुच्छेद23से24में शोषण के विरुद्ध अधिकार प्राप्त है, अनुच्छेद23मानव व्यापार और बलात श्रम का प्रतिरोध है, इसके अनुसार मानव खरीद बिक्री नहीं किया जा सकता, और किसी से जबरदस्ती या बलपूर्वक मजदूरी या बेगारी नहीं करायी जा सकती है, अनुच्छेद24के अनुसार14बर्ष तक के बालकों, बालिकाओं को जीवन के लिए शंकट पूर्ण जोखिम कार्य में लगाने पर प्रतिबंध है.

बच्चे को सुरक्षित रखने उसके विकास हेतू बाल विवाह प्रतिबंध अधिनियम2006,लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम2012,निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम2009,बाल श्रम प्रतिरोध और विनियमन अधिनियम1986,बाल श्रम गिरबीकरण अधिनियम1933दंड विधि संशोधन2013,किशोर न्याय बालकों का देखरेख एवं संरक्षण अधिनियम2000,2006,2015,2018,आदर्श किशोर नियमावली2016की प्रावधानों से हमारे देश में बच्चों का संरक्षण एवं सुरक्षित करने का प्रयास किया जा रहा है,”बाल श्रम”को रोकना केवल सरकार का ही नहीं, हम सबका कर्तव्य है.

आइये संकल्प लें–“बाल श्रम”को रोकें और देश के उज्ज्वल भविष्य को सँवारे—बाल श्रम दिवस पर समस्त बाल मजदूर के लिए एक मदद की हाथ बढ़ाये और बाल श्रम को रोकें—-बाल श्रम दिवस की हार्दिक बधाई👭🏿🤝श्यामनंदन कुमार यादव, प्रदेश महासचिव बिहार

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